Thursday, 8 March 2012

धड़के ला तोहरा नामे करेजवा" के सेट पे रानी चटर्जी और संजय पांडे की होली

आज ना छोड़ेंगे बस हमजोली ,खेलेंगे हम होली खेलेंगे हम होली हो खेलेंगे हम होली!
कहते है होली के त्योहार से कोई अछूता नही रह पाता है , रंग देख के बच्चा ,जवान या बुढ्ढा हो सब का दिल मचल जाता है ! ठीक ऐसे ही गुजरात के राज पीपला मे दिनेश यादव निर्देशित फिल्म " धड़के ला तोहरा नामे करेजवा" की शूटिंग के दौरान अभिनेता संजय पांडे और अभिनेत्री रानी चटर्जी ने एक दूसरे को रंग लगा के होली मनाई!
साथ मे किरण यादव ,तेज बहादुर यादव , समीर ( रानी चटर्जी के भाई ) और आशि तिवारी भी उन के साथ रंग की जगह अबीर से सराबोर दिखे!
संजय पांडे ने कहा की होली मे किसी को जबरदस्त रंग नही लगांना चाहिए , ये प्यार का त्योहार है और इसे प्यार के साथ ही मानना चाहिए!

"धड़के ला तोहरा नामे करेजवा" का मुहूरत शूट बहूत ही धूम धाम से!

इतने दीनो इंतज़ार के बाद आज दिनेश यादव निर्देशित फिल्म " धड़के ला तोहरा नामे करेजवा" का मुहूरुआत शूट अभिनेता कालुवा और अभिनेत्री निशा के भड़कदार गाना " चललअ हमरा से पेट मॅड्वा ला यादव जी के मडईया मे" के गाने से हुआ!!
इस मौके पर डाँसे मास्टर कानू मुखर्जी, अभिनेता संजय पांडे, अयाज़ ख़ान, उमेश सिंग, कौशल शर्मा ,विनोद मिश्रा, और अपने चलचित्रा कला के लिए मशहूर मुन्ना सिंग मौजूद थे!
ये फिल्म आदि शक्ति एंटरटेनमेंट के बॅनर तले बन रही है! फिल्म के मुख्य भूमिका मे नवोदित अभिनेता विजय वर्मा अभिनेत्री रानी चटर्जी के साथ दिखेंगे ! ये फिल्म पूरी तरह से भोजपूरिया मसाला फिल्म होगी जो लोगो को बहूत ही पसंद आएगी!
News by:- Ashi Tiwari

मोजरबियर इंटरटेनमेंट की पहली भोजपुरी फिल्म ‘‘हमार लभ स्टोरी’’

मनोरंजन उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी मोजरबियर इंटरटेनमेंट प्रा.लि. अब भोजपुरी फिल्म निर्माण में उतर चुकी है। मोजरबियर इंटरटेनमेंट की पहली भोजपुरी फिल्म ‘‘हमार लभ स्टोरी’’ अब बन कर तैयार है। पिछले दिनों इस फिल्म का फस्र्ट लूक केन्द्रीय मंत्री कमल नाथ ने जारी किया। स्टाईल इंटरटेनमेंट एवं गुडन्युज क्रिएशन्स कृत ‘‘हमर लभ स्टोरी’’ का निर्माण दक्षिण भारतीय निर्माता के. अभिनव रेड्डी एवं सारा शर्मा ने किया है। फिल्म के लेखक-निर्देशक जगदीश सी पाण्डेय हैं। फिल्म में भोजपुरी सितारे विक्रांत सिंह, सुरभी व नवोदित सितारे विक्रांत आनंद की प्रमुख भूमिकाएँ है। फिल्म में अन्य महत्वपूर्ण भूमिका में है एहसान कुरेशी, अली खान, डेजी ईरानी, देव मल्होत्रा, बीरबल इत्यादी हैं। फिल्म में प्रेम त्रिकोण दिखाया गया है। फिल्म के गीतकार राजेश मिश्रा व संगीतकार राजेश गुप्ता है

Sunday, 4 March 2012

मेहरारू चाही मिल्की व्हाईट कि डबिंग किया रानी चटर्जी के साथ प्रियेश सिन्हा ने

शीघ्र ही प्रदर्शित होने जा रही फिल्म- \"मेहरारू चाही मिल्की व्हाईट\" के अपने हिस्से की डबिंग राईजिंग स्टार \"प्रियेश सिन्हा\" ने स्टार नायिका - रानी चटर्जी के पूरी कर लिया है. यह फिल्म जल्दी ही प्रियेश सिन्हा के चाहने वालों के बीच पहुँचने वाली है. महुआ टीवी के शो भौजी नं० के देवर के रूप में चर्चित होने के बाद सिनेमा के रुपहले पर्दे पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज करने कि पूरी तैयारी कर चुके हैं. जी हाँ, प्रियेश सिन्हा दर्शको के बीच एक चिर- परचित चेहरा है, जो महुआ टी० वी० पर हमेशा दर्शको का मनोरंजन करते रहते हैं.अब इन्तजार है घर-घर के ड्राईंग रूम से निकल कर रुपहले परदे पर अपनी अभिनय प्रतिभा के माध्यम से अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की, जिसके लिए उन्होंने कमर कास ली है. फिल्म के निर्माता मनोहर एस.झा के अनुसार- \"हमारी फिल्म भोजपुरी सिनेमा की अलग छबि तो बनाएगी ही साथ एक नए कुशल अभिनेता का भी पदार्पण होगा. प्रियेश सिन्हा की अभिनय प्रतिभा काबिले तारीफ है.उन्होंने हर सीन को बहुत सहज ढंग से प्रस्तुत किया है.उम्मीद है दर्शक भी उनके अभिनय कला के मुरीद हो जायेगे.\"
बकौल प्रियेश सिन्हा- \'मैंने तो सिर्फ अपना काम ईमानदारी के साथ किया है, हमारे दर्शक जो हमेशा महुआ टी० वी० पर मुझे देखते आ रहे हैं वो हमारी पहली इस फिल्म को देख कर नाराज ना हो इसलिए उनके स्वस्थ मनोरंजन का मैंने हमेशा ध्यान दिया है क्योंकि भोजपुरी फिल्मों की मौजूदा इमेज की वजह से महिला वर्ग की दर्शक सिनेमा घरों से दूर हो चुकी हैं. वह वापस आना शुरू करें, इसीलिये कई फिल्मों के आफर को ठुकरा कर इस फिल्म में काम करने का मैंने फैसला लिया और आज जब मैंने स्टार नायिका रानी चटर्जी के साथ डबिंग किया तो मैंने देखा की वाकई यह फिल्म दर्शकों के उम्मीद पर खरा उतरेगी.\"
इस फिल्म के संगीतकार नूतन-पंकज का संगीत भी बहुत मधुर और कर्णप्रिय है. सभी गाने फिल्म कि कहानी को आगे बढ़ाते हैं ना की जबरदश्ती ठूंसे गये हैं, खासकर आईटम का सवाल है तो वह भी सम्पूर्ण परिवार के साथ मनोरंजन पूर्ण है.
इसके अलावा प्रियेश सिन्हा ने निर्माता अवध किशोर की फिल्म \" प्यार भईल परदेशी से\" की शूटिंग बिहार के विभिन्न खूबसूरत लोकेशनों पर कर चुके हैं,जिसमे उनकी भूमिका बहुत ही दमदार है.

नीरज राज पॉडेल के "जानवर" के साथ " दिल ले गईल ओढनिया वाली

कुछ लोग काम के प्रति इतना निष्टावाँन होते है की उन्हे काम कभी बोझ नही लगता है, ठीक ऐसे ही है अभिनेता नीरज राज पॉडेल जो अब तक पूरी तरह से नेपाल के जनता के साथ साथ भोजपुरी जनता के दिल मे अपनी जगह बना चुके है! नीरज राज पॉडेल एक अच्छे गायक होने के साथ साथ एक कुशल अभिनेता भी है!
दरअसल बात ये है की कुछ दिन पहले नीरज राज ने दो फ़िल्मो के शूटिंग एक साथ ख़तम की, ये बहूत हैरत की बात है की बिना सोए, बिना थके नीरज राज ने निर्माता-निर्देशक रमाकांत प्रसाद की " जानवर" और निर्देशक अरविंद चौबे की " दिल ले गईल ओढनिया वाली" एक ही शेड्यूल मे पूरा किया!
फिल्म " जानवर" मे नीरज राज पॉडेल ने लीक से हट के एक अलग तरह का किरदार निभाया है जी का नाम बब्बन लोहिया होता है! ये किरदार " संजय डट की फिल्म " सड़क " के सदाशिव अमरपुकार " द्वारा किए गये किरदार का याद दिलाएगा!
ठीक इस के विपरीत फिल्म "" दिल ले गईल ओढनिया वाली" मे नीरज राज ने " ख़ूँख़ार छटंकु"
का किरदार निभाया है जो एक बहूत ही भयानक इंसान होता है!
ये दोनो फ़िल्मो की रिलीसिंग तारीख जल्दी ही उद्घोषित होंने वाली है!
News by:- Ashi Tiwari

डबल आईटम धमाका फिल्म " दिल ता पागल होला " मे

आ ई टम सॉंग का शब्द दिमाग़ मे पड़ते ही एक अजीब से लालसा मंन मे होती है की बहूत अच्छा गाना होगा, लोगो को नाचने पे मजबूर हर देगा, या फिर हर जगह शादी या खुशी के पल मे बस वही गाना सुनने को मिलेगा!
यू तो फिल्म चाहे बोलीउड़ की हो या भोजउड़ की एक न एक आईटम गाना तो ज़रूर होता है, बिना उस के फिल्म अधूरी सी लगती है!
इस एक आ ई टम सॉंग से हट के फिल्म " दिल त पागल होला" मे दो आईटम गाना दिखेंगे! जिस मे ९ भासाओ के फ़िल्मो मे काम कर चुकी अभिनेत्री सपना और आईटम क्वीन सीमा सिंग के जलवे दिखेंगे! पहली बार इस फिल्म मे संजय मास्टर भी सीमा सिंग का साथ देते नज़र आएँगे! इस फिल्म के आ ई टम सॉंग दर्शको को सिनिमा घरो की कुर्शीयो से उठ के नाचने पे मजबूर कर देंगे! इस फिल्म के निर्देशक फ़हीम ए ख़ान ने इस फिल्म पर बहूत मेहनत की है!
जल्द ही इस फिल्म के कुछ अधूरे भाग पूरा कर के फिल्म के रिलीस करने की तारीख की भी घोषणा की जाएगी!
News by:- Ashi Tiwari

Thursday, 1 March 2012

बोलीउड़ करे तो जायज़ ,भोजउड़ करे तो नज़ायज़ :- आशि तिवारी

हिन्दी फ़िल्मो का क्रेज़ आज भारत मे ही नही बल्कि पूरे विश्वा मे कई साल पहले से पूरे जोरो पे है, एक यही फ़िल्मे कही एक जगह की छेत्रिया नही हो के पूरे भारत मे लगभग हर एक थियेटर मे रिलीस होती है,और लोग उसे बड़े चाव से देखते है चाहे वो किसी भी राज्य का हो!
अब करे साउथ की फ़िल्मो की बात तो ये किसी से नही छुपा है की इन फ़िल्मो का एकशन लोगो का दिल छू जाता है! ये फ़िल्मे रीजनल भाषा मे होती है जिनको हिन्दी मे डभ तो किया ही जाता है साथ मे अब भोजपुरी मे भी डभींग शुरू हो गई है! जिस का प्रसारण कई जाने माने टीवी चॅनेल सीधा प्रसारण कर रहे है!
अब मुद्दा की बात ये है की भोजपुरी फ़िल्मो को उतना सम्मान क्यो न्ही जितना बोलीउड़ या साउथ की फ़िल्मो का है, आज मुंबई , देल्ही और भी कई बड़े बड़े शहरो मे भोजपुरी फ़िल्मो को बड़ी ही छोटी नज़रो से देखा जाता है
क्या ये उचित है ?
क्या भोजपुरी फ़िल्मे करने वाले इंसान नही है?
क्या वो कलाकार नही है ?
क्या उनकी कला का सम्मान नही करना चाहिए?
ये कहा तक जायज़ है ! कलाकार की एक ही जाती होती है वो है कल, एक भोजपुरी भासी या भोजपुरी फ़िल्मो से जुड़े रहने के कारण उन्हे अजीब नज़रो से देखना कही से उचित नही है !
आज अगर कोई कहता है की वो भोजपुरी फ़िल्मो मे काम करता है तो बहूत से लोग ऐसे कहते है की
"भोजपुरीरीरीरीरीरीरीरीरीरीरीरीरी मे " हा हा हा हा हा , ऐसा प्रतीत होता है जैसे उस इंसान ने ये बता के ग़लती कर दी है की वो भोजपुरी फ़िल्मो से जुड़ा है!
ये किसी से छुपा न्ही है की आज बहूत से ख्याति प्राप्त अभिनेता, निर्देशक , और यहा तक की नेता भी भोजपुरी प्रदेशो से ही जुड़े हुए है!
लोग अपनी तरफ नही देखते और कहते है की भोजपुरी फ़िल्मो मे फूहड़ता है , डबल मीनिंग होता है !!!!!!
अगर ऐसा है तो इंसान को चाहिए की उस डबल मीनिंग को ना समझ के सीधा पॉज़िटिव मीनिंग ही समझे, लेकिन लोग अपना दिमाग़ दूसरी तरफ दौड़ाएंगे तो कहा तक उचित दिखेगा!!!????
कोई चीज़ अच्छा है या बुरा ये इंसान के सोच पे आधारित है! जैसा सोचता है इंसान वैसा अपनी नज़रो मे पेश कर देता है !
आज वही अगर बोलीउड़ मे मल्लिका शेरावत ने १८ चुंबन दृश्य बेड सीन दिए तो कोई बात नही! और तो और ठीक वैसे ही अगर तनु श्री- इमरान हासमी के साथ ऐसा सीन दे की लोग कुर्सी छोड के उठने पे मजबूर हो जाए तो कोई बात नही! आज विधया बालन ऐसे उत्तेजित दृश्य दे दे की लोगो की मर्दानगी अंदर से झकझोर जाए तो कोई बात नही!!!!!!!!
लेकिन वही अगर कोई अभिनेत्री भोजपुरी मे कर दे तो लोग उसे फूहड़ता का नाम देते है !
ये कहा तक उचित है ?
लोगो को चाहिए की अपने सोच को बदले, प्रकृति का निया ही बदलाव है! समय के साथ लोगो को चीज़ो को स्वीकार करनी चाहिए ना की बाहिसकार?
आज भोजपुरी सिनिमा की चर्चा विदेशो मे भी हो रहा है! लोगो को चाहिए की वो भोजपुरी फ़िल्मो के तरक्की मे साथ दे , भोजपुरी कलाकारो की कला को प्रोत्साहन दे!